menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
एतावच्छ्रेय़ इत्येव वृहस्पतिरभाषत |  २२   क
इन्द्रस्तु भूय़ः पप्रच्छ क्व विशेषो भवेदिति ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति