menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
chevron_left
chevron_right
वृहस्पतिरु उवाच
विशेषोऽस्ति महांस्तात भार्गवस्य महात्मनः |  २३   क
तत्रागमय़ भद्रं ते भूय़ एव पुरन्दर ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति