menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
ततः प्रीतोऽभवद्राजा प्रह्रादो व्रह्मवादिने |  ३०   क
तथेत्युक्त्वा शुभे काले ज्ञानतत्त्वं ददौ तदा ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति