menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
एवमस्त्विति तं प्राह प्रह्रादो विस्मितस्तदा |  ४३   क
उपाकृत्य तु विप्राय़ वरं दुःखान्वितोऽभवत् ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति