menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
यदन्येषां हितं न स्यादात्मनः कर्म पौरुषम् |  ६५   क
अपत्रपेत वा येन न तत्कुर्यात्कथञ्चन ||  ६५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति