menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्य तद्वचनं श्रुत्वा भारद्वाजो हसन्निव |  २३   क
अन्ववर्तत राजानं स्वस्ति तेऽस्त्विति चाव्रवीत् ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति