menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अपेतविध्वस्तमहार्हभूषणं; निपातितं शक्रसमं महारथम् |  ५३   क
रणेऽभिमन्युं ददृशुस्तदा जना; व्यपोढहव्यं सदसीव पावकम् ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति