menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १२५
chevron_left
chevron_right
लोमश उवाच
सुकन्याय़ाः पितुश्चास्य लोके कीर्तिः प्रथेदिति |  ६   क
अतो मय़ैतद्विहितं तव वीर्यप्रकाशनम् |  ६   ख
तस्मात्प्रसादं कुरु मे भवत्वेतद्यथेच्छसि ||  ६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति