menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २१६
chevron_left
chevron_right
शक्र उवाच
यत्तद्यानसहस्रेण ज्ञातिभिः परिवारितः |  १५   क
लोकान्प्रतापय़न्सर्वान्यास्यस्मानवितर्कय़न् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति