अनुशासन पर्व  अध्याय १४१

भीष्म उवाच

इत्युक्तस्त्वर्जुनस्तूष्णीमभूद्वाय़ुस्तमव्रवीत् |  १   क
शृणु मे हैहय़श्रेष्ठ कर्मात्रेः सुमहात्मनः ||  १   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति