menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२६
chevron_left
chevron_right
कृशतनुरु उवाच
दुर्लभोऽप्यथ वा नास्ति योऽर्थी धृतिमिवाप्नुय़ात् |  ३९   क
सुदुर्लभतरस्तात योऽर्थिनं नावमन्यते ||  ३९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति