menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २६६
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
धूतपापः स तेजस्वी लघ्वाहारो जितेन्द्रिय़ः |  १७   क
कामक्रोधौ वशे कृत्वा निनीषेद्व्रह्मणः पदम् ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति