वन पर्व  अध्याय १२६

लोमश उवाच

अनेन विधिना राजन्मय़ैतदुपपादितम् |  २१   क
अव्भक्षणं त्वय़ा राजन्नय़ुक्तं कृतमद्य वै ||  २१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति