menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शतेन च शतं हत्वा पाञ्चालानां महारथः |  ४९   क
त्रिभिश्च निशितैर्वाणैर्हत्वा त्रीन्वै महारथान् ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति