menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १२७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
कथं हि स्वजने भेदमुपेक्षेत महामतिः |  १४   क
भिन्नं हि स्वजनेन त्वां प्रसहिष्यन्ति शत्रवः ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति