menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १२७
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एकीभूतैर्महाप्राज्ञैः शूरैररिनिवर्हणैः |  ३५   क
पाण्डवैः पृथिवीं तात भोक्ष्यसे सहितः सुखी ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति