menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
त्वय़्यद्य पिण्डः कीर्तिश्च कुलं चेदं प्रतिष्ठितम् |  २१   क
श्वो वाद्य वा महावाहो गम्यतां पुत्र मा चिरम् ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति