menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
नैतौ सम्भवतो राजन्कथञ्चिदपि भारत |  ४५   क
न ह्यरण्येषु पश्यामि धनवृद्धानहं क्वचित् ||  ४५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति