अनुशासन पर्व  अध्याय १२८

उमो उवाच

अशुचौ मांसकलिले वसाशोणितकर्दमे |  १५   क
विनिकीर्णामिषचय़े शिवानादविनादिते ||  १५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति