menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
तत्र चैव रमन्ते मे भूतसङ्घाः शुभानने |  १८   क
न च भूतगणैर्देवि विनाहं वस्तुमुत्सहे ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति