भीष्म पर्व  अध्याय ७३

सञ्जय़ उवाच

प्रतिपालय़ मां सूत निय़म्याश्वान्मुहूर्तकम् |  २२   क
यावदेतान्निहन्म्याशु य इमे मद्वधोद्यताः ||  २२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति