menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
दम्पत्योः समशीलत्वं धर्मश्च गृहमेधिनाम् |  ४३   क
गृह्याणां चैव देवानां नित्यं पुष्पवलिक्रिय़ा ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति