menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
वैश्यस्य सततं धर्मः पाशुपाल्यं कृषिस्तथा |  ५३   क
अग्निहोत्रपरिस्पन्दो दानाध्ययनमेव च ||  ५३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति