menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इदं तु न प्रवर्तेय़ं निन्दितं कर्म भारत |  २८   क
संनिधौ ते महाराज क्रोधजं पापवुद्धिजम् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति