menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
वय़मेव हृषीकेशं निगृह्णीम वलादिव |  ५   क
प्रसह्य पुरुषव्याघ्रमिन्द्रो वैरोचनिं यथा ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति