menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सैन्धवस्य वधेनैव भृशं दुःखसमन्वितः |  १२   क
मर्तव्यमिति सञ्चिन्त्य प्राविशत्तु द्विषद्वलम् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति