वन पर्व  अध्याय १२९

लोमश उवाच

एवमेतन्महावाहो पश्यन्ति परमर्षय़ः |  २०   क
सरस्वतीमिमां पुण्यां पश्यैकशरणावृताम् ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति