menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६४
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
एवमुक्त्वा वहुविधं ततस्तौ संनिपेततुः |  ३०   क
समरे वालिसुग्रीवौ शालतालशिलाय़ुधौ ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति