आदि पर्व  अध्याय १३

पितर ऊचुः

अनाथास्तेन नाथेन यथा दुष्कृतिनस्तथा |  १७   क
कस्त्वं वन्धुरिवास्माकमनुशोचसि सत्तम ||  १७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति