आदि पर्व  अध्याय १३

सूत उवाच

तस्मादहमुपश्रुत्य प्रवक्ष्यामि यथातथम् |  ८   क
इदमास्तीकमाख्यानं तुभ्यं शौनक पृच्छते ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति