menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अय़ं स कालः सम्प्राप्तो मित्राणां मित्रवत्सल |  २   क
त्राय़स्व समरे कर्ण सर्वान्योधान्महावल ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति