menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथ चन्द्रप्रभां मुष्णन्नादित्यस्य पुरःसरः |  २   क
अरुणोऽभ्युदय़ां चक्रे ताम्रीकुर्वन्निवाम्वरम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति