भीष्म पर्व  अध्याय १३

सञ्जय़ उवाच

स राजा स शिवो राजन्स पिता स पितामहः |  ३०   क
गोपाय़ति नरश्रेष्ठ प्रजाः सजडपण्डिताः ||  ३०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति