menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सूर्यस्त्वष्टौ सहस्राणि द्वे चान्ये कुरुनन्दन |  ४३   क
विष्कम्भेण ततो राजन्मण्डलं त्रिंशतं समम् ||  ४३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति