menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्रोणः पाञ्चालराजानं विद्ध्वा दशभिराशुगैः |  २५   क
वहुभिस्तेन चाभ्यस्तस्तं विव्याध शताधिकैः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति