menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततोऽस्य पार्थः सगुणेषुकार्मुकं; चकर्त भल्लैर्ध्वजमप्यलङ्कृतम् |  ११   क
पुनर्निय़न्तॄन्सह पादगोप्तृभि; स्ततस्तु चुक्रोध गिरिव्रजेश्वरः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति