menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अथास्य वाहू द्विपहस्तसंनिभौ; शिरश्च पूर्णेन्दुनिभाननं त्रिभिः |  १३   क
क्षुरैः प्रचिच्छेद सहैव पाण्डव; स्ततो द्विपं वाणशतैः समार्दय़त् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति