menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सुकल्पितं दानवनागसंनिभं; महाभ्रसंह्रादममित्रमर्दनम् |  ६   क
रथाश्वमातङ्गगणान्सहस्रशः; समास्थितो हन्ति शरैर्द्विपानपि ||  ६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति