menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५५
chevron_left
chevron_right
अहल्यो उवाच
स जगाम ततः शीघ्रमुत्तङ्को व्राह्मणर्षभः |  ३१   क
सौदासं पुरुषादं वै भिक्षितुं मणिकुण्डले ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति