menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
मय़ा च भवतां सम्यक्छुश्रूषा या कृतानघाः |  ३   क
असम्यग्वा महाभागास्तत्क्षन्तव्यमतन्द्रितैः ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति