menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
ज्ञानविज्ञानसम्पन्नः संस्कृतो वेदपारगः |  ४४   क
विप्रो भवति धर्मात्मा क्षत्रिय़ः स्वेन कर्मणा ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति