menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
महेश्वर उवाच
व्राह्मणो वाप्यसद्वृत्तः सर्वसङ्करभोजनः |  ४६   क
व्राह्मण्यं पुण्यमुत्सृज्य शूद्रो भवति तादृशः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति