उद्योग पर्व  अध्याय १३१

कुन्त्यु उवाच

एतावानेव पुरुषो यदमर्षी यदक्षमी |  ३०   क
क्षमावान्निरमर्षश्च नैव स्त्री न पुनः पुमान् ||  ३०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति