आदि पर्व  अध्याय ९९

व्यास उवाच

यदि पुत्रः प्रदातव्यो मय़ा क्षिप्रमकालिकम् |  ४२   क
विरूपतां मे सहतामेतदस्याः परं व्रतम् ||  ४२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति