menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वलानीकं जय़ानीकं जय़ाश्वं चाभिजघ्निवान् |  १२७   क
श्रुताह्वय़ं च राजेन्द्र द्रौणिर्निन्ये यमक्षय़म् ||  १२७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति