menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शकुनिश्च सुसङ्क्रुद्धः सर्वशस्त्रभृतां वरः |  १७   क
पुत्रपौत्रैः परिवृतो भ्रातृभिश्चेन्द्रविक्रमैः |  १७   ख
स्यालस्तव महावाहुर्वज्रसंहननो युवा ||  १७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति