menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सोऽवतीर्य पुनस्तस्थौ रथे हेमपरिष्कृते |  ५२   क
महीधर इवात्युच्चः श्रीमानञ्जनपर्वतः ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति