menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः स तोय़दो भूत्वा नीलः सेन्द्राय़ुधो दिवि |  ७१   क
अश्मवृष्टिभिरत्युग्रो द्रौणिमाच्छादय़द्रणे ||  ७१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति