menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
दारितान्द्रौणिना वाणैर्भृशं विक्षतविग्रहान् |  ८८   क
जहि मातुल कौन्तेय़ानसुरानिव पावकिः ||  ८८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति