menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३२
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अपापो ह्येवमाचारः क्षिप्रं वहुमतो भवेत् |  १५   क
सुखं वित्तं च भुञ्जीत वृत्तेनैतेन गोपय़ेत् |  १५   ख
लोके च लभते पूजां परत्र च महत्फलम् ||  १५   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति